- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
Mahakumbh 2025: बाबा महाकाल को मिला प्रयागराज कुंभ का न्योता, यूपी सरकार के मंत्री स्वतंत्र सिंह और दिनेश सिंह शनिवार को पहुंचे उज्जैन; ‘महाकुंभ -2025’ के सफल आयोजन हेतु की प्रार्थना
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सदी के सबसे बड़े प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच महाकाल की नगरी उज्जैन में शनिवार का दिन एक अद्भुत दृश्य का गवाह बना, जब उत्तर प्रदेश सरकार के दो मंत्री – जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और मंत्री दिनेश सिंह, स्वयं भगवान महाकाल को कुंभ में न्योता देने पहुंचे।
बता दें, मंत्रियों ने महाकाल मंदिर में पहुंचकर नंदी हॉल में भगवान महाकाल का ध्यान किया। इसके बाद, अपने लेटर हेड पर, भगवान को निमंत्रण पत्र लिखकर पीले चावल के साथ भेंट किया। यूपी से मंत्री दिनेश सिंह ने लेटर में लिखा, “भगवान महाकाल, हम उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महाकुंभ 2025 में आपको आमंत्रित करने आए हैं। कृपया अपनी कृपा बनाए रखें और कुंभ निर्विघ्न संपन्न हो।” यह निमंत्रण न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि महाकुंभ की दिव्यता और सफलता के लिए महाकाल की कृपा का आह्वान है।
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्रियों ने बताया कि उज्जैन के अखाड़ों और साधु-संतों को भी कुंभ में आमंत्रित किया गया है। लगभग 4000 हेक्टेयर जमीन इस आयोजन के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने आगे कहा कि हम बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि कुंभ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय हो और उनकी सुरक्षित घर वापसी हो। महाकाल की कृपा से कुंभ का यह आयोजन दिव्यता और भव्यता के शिखर को छुए।
बता दें, 13 जनवरी से शुरू होने जा रहे प्रयागराज महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि संस्कृति, परंपरा और भारतीयता का उत्सव भी है। ऐसे में महाकुंभ 2025 का यह न्योता एक प्रतीक है कि जब महाकाल स्वयं कुंभ में विराजमान होंगे, तो यह आयोजन अद्वितीय होगा।